ऐ ख़ुदा ! कि कितना बदनसीब हूँ मैं..
तू जितना दूर है मुझसे ..उतना करीब हूँ मैं...
कमा के देख लिया दुनिया का हर कागज़ ..
लेकिन मोहब्बत में ..तुझसे ग़रीब हूँ मैं..
चल लूट ले मुझको .. मैंने जो भी कमाया है ..
कि लेने इश्क के बदले, मेरी जां को तू आया है ..
सुकूं ले ले , नींद ले ले, भले फिर भी,
उस तस्वीर को न ले... जो मेरे तन का साया है..
ज़रा सा एक करम करना, अगर कर सके जो तू ,
मेरे सीने के ऊपर एक घाव है ,अगर वो भर सके जो तू ..
मुझे मालूम है.. नहीं करता यकीं तू एहसानों में ,
मुझे जीना है तेरी यादों में , अगर ये कर सके जो तू ..
तेरा हर आंसू है एक मोती , तेरी हर आह कहानी है ..
मेरा क्या है ? मेरी आँखों में तो बस नमकीन पानी है ..
तेरा हर बाल है रेशम , तेरा तो नूर है रोशन,
मेरी छोटी सी एक दौलत, वो तेरी इक निशानी है..
- © प्रशांत गुप्ता - 15-12-2011

tats realy nice
ReplyDeletegud work ilike it pragati
ReplyDeletegood yaaar, i like it, keep it up, God bless sir ...
ReplyDeleteहौसला अफजाई के लिए शुक्रिया, हुसैन जी..
Deletevery nice
ReplyDeleteCooool Prashantbhai
ReplyDeleteबहुत सुन्दर,,दर्द भरे अहसासों को बेहद खूबसूरत शब्दों में पिरोया है आपने!! Good writing skills!!
ReplyDeleteहौसला अफजाई के लिए शुक्रिया, पारुल जी..
Deletebhaut acche , aati sunder . shabdon ke jariye dard se rishta jod diya hai aapne!!!!!
ReplyDeletebesutifully expressed..dil ki gahraeon se
ReplyDeleteshabdon me utar gaye mano dil kiunkahee
ReplyDeletekya baat hai prashant ji adbhut rachna
ReplyDeleteKhuda kya samajega tere dard bhare afasane ko,
ReplyDeleteUse to bus adat hai logo ko azamane ki
awesome... prashant ji..
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